नाम पहचान देता है, पहचान नहीं बनाता फिर भी नाम सलीके का होना चाहिए : अपर्णा
(इप्टा की अनेक इकाइयाँ गर्मी की छुट्टियों में बच्चों और किशोरों के लिए कार्यशाला का...
(इप्टा की अनेक इकाइयाँ गर्मी की छुट्टियों में बच्चों और किशोरों के लिए कार्यशाला का...
एक ओर देश का स्वतंत्रता संग्राम चल रहा था और दूसरी ओर द्वितीय विश्वयुद्ध जारी था।...
इप्टा द्वारा मुंबई के मैसूर एसोसिएशन माटुंगा में आयोजित आठ दिवसीय जितेंद्र रघुवंशी...
आज भारतीय जन नाट्य संघ (indian Peoples Theatre Association – IPTA) का 84 वाँ...
हिन्दी एवं मराठी सिनेमा और रंगमंच की ग्लैमर नगरी के रूप में मुंबई युवाओं को आकर्षित...
मुंबई में आयोजित जितेंद्र रघुवंशी राष्ट्रीय बहुभाषीय नाट्य समारोह के दूसरे दिन 21 मई...
मुंबई के मैसूर एसोसिएशन हॉल में इप्टा के जितेंद्र रघुवंशी राष्ट्रीय नाट्य समारोह के...
2002 के बाद मुंबई में इप्टा का राष्ट्रीय कार्यक्रम बहुभाषीय नाट्य महोत्सव के रूप में...
आज का सांस्कृतिक परिवेश अजीब फिसलनभरी गलियों के बंद मुहाँनों से घिरा हुआ है।...
(इस रिपोर्टनुमा लेख में कुल तीन हिस्से हैं। पहली रिपोर्ट ‘यूनिटी’ के नवम्बर 1952 के...